सप्तशती कार्यक्रम में महिलाओं की शक्ति को जागृत करने का प्रयास। भगवती देवी पूर्णानंद सरस्वती शिशु मंदिर महाराष्ट्र भवन में कार्यक्रम।

सप्तशती कार्यक्रम में महिलाओं की शक्ति को जागृत करने का प्रयास। भगवती देवी पूर्णानंद सरस्वती शिशु मंदिर महाराष्ट्र भवन में कार्यक्रम।
ऋषिकेश
भगवती देवी पूर्णानंद सरस्वती शिशु मंदिर महाराष्ट्र भवन रेलवे रोड में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बाल ब्रहम्चारिणी परम तपस्विनी राजयोगिनी बीके आरती दीदी, मुख्य वक्ता रेखा गर्ग, अध्यक्ष मंजू बड़ोला व प्रधानाचार्य अनीता रयाल ने किया। मौके पर बीके आरती दीदी ने समस्त मातृ शक्तियों को कार्यक्रम की शुभकामनाएं देते हुए संदेश दिया कि देश और विश्व की वर्तमान परिस्थितियों और चुनौतियों के समाधान में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। समृद्ध भारत के लिए इन मात्रृशक्तियों को जाग्रत करना अनिवार्य है।

बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नारी की आंतरिक शक्तियों श्री, वाक्, कीर्ति, स्मृति, मेधा, धृति, क्षमा को पहचाना और उन्हें विकसित करना है। रेखा गर्ग ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए पर्यटकों से अनुरोध किया जाए कि वह तीर्थ स्थलो पर प्लास्टिक बोतल, काँच की बोतल तथा ध्वनि प्रदूषण वाली चीजों का प्रयोग न करें। मंजू बड़ोंला ने कहा कि समाज निर्माण में नारी का महत्वपूर्ण योगदान है तथा नारी के मह्त्व को सबके सम्मुख उजागर किया।

प्रधानाचार्य अनीता रयाल के द्वारा सप्तशक्ति तथा मातृ शक्ति विषय से सभी को अवगत कराया गया। सप्त शक्ति कार्यक्रम में विशिष्ट माताओं को सम्मानित किया गया। जिसमें देश के लिए शहीद हुए प्रदीप रावत की माता सरला देवी को सम्मानित किया। समाज के लिए विशेष कार्य करने वाली बहनों में शामिल ऋतु शर्मा, पूनम पाल को सम्मानित किया गया।


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