बम-बम भोले के जयकारों से गूंजी देवभूमि, नीलकंठ और ऋषिकेश के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब

बम-बम भोले के जयकारों से गूंजी देवभूमि, नीलकंठ और ऋषिकेश के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब
सावन के पहले सोमवार को हो रहा जलाभिषेक
ऋषिकेश
सावन के पहले सोमवार को ऋषिकेश और आसपास के तमाम पौराणिक शिवालयों में आस्था का अद्भुत एवं भव्य नज़ारा देखने को मिल रहा है। तड़के से ही नीलकंठ महादेव सहित क्षेत्र के तमाम प्रसिद्ध मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। पूरा तीर्थनगरी क्षेत्र बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान है। नीलकंठ महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए लाखों की संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु पहुंचे हैं। लक्ष्मण झूला और राम झूला क्षेत्र पूरी तरह से शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है। कांवड़िए मां गंगा की पावन धारा से पवित्र जल भरकर पैदल पथ से नीलकंठ धाम पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। हालांकि, जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों को कई-कई घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन शिवभक्तों के उत्साह और भक्ति में कोई कमी देखने को नहीं मिल रही है। केवल नीलकंठ ही नहीं, बल्कि ऋषिकेश के वीरभद्र, सोमेश्वर, चन्द्रेश्वर और बनखंडी महादेव में भी सुबह से ही जलाभिषेक का सिलसिला जारी है। हर ओर बस शिव नाम की गूंज सुनाई दे रही है। नीलकंठ के पुजारी शिवानंद गिरि ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के सोमवार को भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक करने पर भक्तों के कष्टों, पापों और मनोविकारों का निवारण होता है तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।


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