ग्राफिक एरा में एमबीबीएस के नये सत्र का श्रीगणेश

ग्राफिक एरा में एमबीबीएस के नये सत्र का श्रीगणेश
सफलता के लिए एथिक्स के साथ सिम्पैथी भी जरूरी- डॉ घनशाला
देहरादून- ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं के लिए आज नये सत्र का श्रीगणेश हो गया। नये छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में सफलता के लिए नॉलेज और एथिक्स के साथ ही दूसरों के प्रति सिम्पैथी बहुत जरूरी है।
ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंसेज के एमबीबीएस के तीसरे बैच के नये सत्र की शुरुआत आज इंडेक्शन प्रोग्राम के साथ हुई। सिल्वर जुबली कंवेंशन सेंटर में भावी चिकित्सकों को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ कमल घनशाला ने कहा कि चिकित्सक का कार्य सेवा से जुड़ा है। इसमें एथिक्स और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बहुत महत्वपूर्ण है। छात्र-छात्राओं को गांवों में भी चिकित्सा सेवा व अनुभव के अवसर दिये जाएंगे।
डॉ घनशाला ने ग्राफिक एरा के तीन दशकों से अधिक के सफर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर मंजिल मिलने के बाद अगली मंजिल तय करना और उसके लिए पूरी क्षमता से समर्पित होकर जुट जाना सफलता की राह खोलता है। लक्ष्य बढ़ा होने के साथ ही सामने आने वाली चुनौतियां भी पहले से बड़ी और नई तरह की हो सकती हैं, लेकिन सच्ची लगन और सूझबूझ से उनका कुशलता के साथ सामना किया जा सकता है। उन्होंने ग्राफिक एरा अस्पताल में दुनिया की नवीनतम टेक्नोलॉजी अपनाये जाने की जानकारी देते हुए बताया कि व्यापक अनुभव वाली फैकल्टी और नई तकनीकों के साथ छात्र छात्राओं के लिए सीखने और अच्छा करने के बहुत अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि पढ़ायी के अलावा भी कई चीजें हैं, जो बेहतरीन चिकित्सक बनने में मदद करती हैं। संवेदनशीलता और मानवीय गुणों के साथ ही खुद स्वस्थ रहना भी आवश्यक है। डॉ. घनशाला ने कहा कि आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए ऐसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जो इसे देश के चुनिंदा मेडिकल कॉलेजों से अलग पहचान देंगी। उन्होंने बताया कि अगले एक वर्ष में विद्यार्थियों के लिए स्विमिंग पूल और अत्याधुनिक जिम्नेजियम विकसित करने के साथ ही मेडिकल कॉलेज में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर और ऑडिटोरियम स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। इन सुविधाओं का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा के साथ ऐसा समग्र वातावरण देना है, जहां उनके शैक्षणिक, शारीरिक और व्यक्तित्व विकास पर समान रूप से ध्यान दिया जा सके।
इससे पहले मेडिकल कॉलेज में डीन डॉ अर्चना ठाकुर ने नये छात्र छात्राओं को मेडिकल कॉलेज के नियम-कायदों की जानकारी देते हुए अनुशासन के प्रति हमेशा सजग रहने और पूरे मनोयोग से पढ़ायी व प्रेक्टिकल करने के लिए प्रेरित किया। विभिन्न विभागों के अध्यक्षों और फैकल्टी से भी उनकी मुलाकात कराई गई।
नये छात्र छात्राओं ने आज विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण करके विभिन्न प्रयोगशालाओं और जेन एआई सेंटर देखो। कार्यक्रम में उत्तराखंड, यूपी, दिल्ली, पंजाब, बिहार, तमिलनाडू समेत विभिन्न राज्यों से आये काफी छात्र छात्राओं के साथ उनके अभिभावक भी शामिल हुए। गौरतलब है कि इस सत्र से ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज की सीटें बढ़ाकर 250 कर दी गई हैं।






उत्तराखण्ड जलवायु अनूकूल बारानी कृषि परियोजना के तहत हो रहें हैं करोड़ों के काम: सतपाल महाराज
पूर्ण साक्षरता मंजिल नहीं, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता के साथ जीवन कौशल की दिशा में नई शुरुआत : मुख्यमंत्री
दिनेश आर्या ने दाखिल किया राज्यसभा के लिए नामांकन, सीएम धामी समेत कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
कुंभ मेला-2027 के कार्यों में तेजी लाने के लिए रात की पाली में भी कराया जाए काम
‘लोकतंत्र बचाओ–वोट बचाओ’ अभियान को लेकर इंडिया गठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता
उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन