सीपेट लखनऊ ने मनाया हिंदी पखवाड़ा। कवि सम्मेलन के साथ ई पत्रिका का हुआ विमोचन।


सीपेट लखनऊ ने मनाया हिंदी पखवाड़ा। कवि सम्मेलन के साथ ई पत्रिका का हुआ विमोचन।
लखनऊ
हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत केंद्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान सिपेट लखनऊ ने आज राजभाषा सम्मेलन कवि संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के महानिदेशक शिशिर सिन्हा, संयुक्त निदेशक विवेक कुमार, अंतर्राष्ट्रीय हास्य कवि सर्वेश अस्थाना प्रसिद्ध कवि प्रताप फौजदार, प्रवीण शुक्ला, वीर रस के स्वर वेद व्रत वाजपई, प्रसून पंकज, कवयित्री सोनरूपा विशाल आदि ने दीप प्रज्वलन कर किया, cipet के अधिकारियों द्वारा कवियों के सम्मान के उपरांत कवि सम्मेलन शुरू किया गया। सोनरूपा विशाल ने वाणी वंदना से कवि सम्मेलन की शुरुआत की। व्यंग्य के कवि प्रसून पंकज ने कहा “टेक्नोलॉजी अगर इमोशन से नहीं मिलेगी तो इनोवेशन नहीं होगा”।

“पत्नी बोली शादी से पहले बहुत लव यू , लव यू करते थे अब क्या हुआ ,मैने कहा चुनाव खत्म प्रचार खत्म। दिल्ली के प्रवीण शुक्ला ने कहा “जिंदगी की मुश्किलों को इस तरह उत्तर दिया उनसे माफी मांग ली या माफ उनको कर दिया। जिसने भी पोंछे किसी मजबूर के आंसू यहां उसके दामन को ही रब ने हर खुशी से भर दिया”।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि आज का जो समय है वह समय अपने आप पर आगे बढ़ने का है अब हम किसी धमकी में आने वाले नहीं है। 2047 तक हम विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनेंगे।हिंदी पखवाड़े के संदर्भ में उन्होंने कहा गृह मंत्रालय में 100 प्रतिशत कार्य हिंदी में होता है। Cipet के महा निदेशक डॉ शिशिर सिन्हा ने मुख्य अतिथि का राम मंदिर की अनुकृति देकर सम्मान किया। श्रृंगार कवयित्री सोनरूपा विशाल ने पढ़ा “लगता है जैसे खुद में ही शामिल नहीं हूं मैं ,मैंने किया है अपनी कई ख्वाहिशों का कत्ल कैसे कह दूं कि कातिल नहीं हूं मैं “।स्मिलमैन सर्वेश अस्थाना ने अपनी बात कही “मैं अक्सर सोचता हूं तुम मिलो कुछ बात हो जाए घिरे बदल घने से और फिर बरसात हो जाए मैं तुमको साथ लेकर कार से जब घूमने निकालूं की पंचर हो सभी टायर वहीं पर रात हो जाए।” आगे कहा कि “मुस्कुराती जिंदगानी चाहिए जिंदगानी में रवानी चाहिए और सारी दुनिया अपनी हो जाती है बस एक उसकी मेहरबानी चाहिए”। ओज के स्वर पंडित वेद व्रत वाजपेई ने अपनी आवाज़ बुलंद की “दुनिया में सबसे गहरा नशा देशभक्ति का होता है। प्रेमिका के जुड़े में कोई फूल लगाने जाता है मंदिर की चौखट पर कोई प्रसाद चढ़ाने जाता है लेकिन जो देश के मंदिर में जाता है वो अपना शीश चढ़ाने जाता है “।प्रसिद्ध हास्य कवि प्रताप फौजदार ने कहा “वो ख़बरनवीस मोहब्बत की अखबार से गाली देती है और जब उसके मन की कहता हूं तो प्यार से गाली देती है ,आई लव यू हिम्मत करके कहने को तो कह भी दूं लेकिन वह बंदे भारत की रफ्तार से गाली देती है”। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रवीण अग्रहरि ने अपनी सहज वाणी में किया। कार्यक्रम में हिंदी पखवाड़े में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।

डॉ. कमल डिमरी ने ‘बालारिष्ट’ पर शोध कर प्राप्त की पीएचडी की उपाधि। ज्योतिष जगत में हर्ष की लहर। कैबिनेट मंत्रियों सहित कई विद्वानों ने दी बधाई।
इनरव्हील क्लब ने बांटे स्वेटर और पुस्तकें, बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान।
दिव्यांग की मदद को नीरजा देवभूमि ट्रस्ट ने बढ़ाया हाथ। ट्राई साइकिल देकर की बड़ी मदद। भविष्य में भी मदद का दिया भरोसा।
सप्तशती कार्यक्रम में महिलाओं की शक्ति को जागृत करने का प्रयास। भगवती देवी पूर्णानंद सरस्वती शिशु मंदिर महाराष्ट्र भवन में कार्यक्रम।
इनरव्हील द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति हिंसा रोकने को “ऑरेंज द वर्ड” स्कूटी एवं कार रैली का आयोजन।