विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में धूमधाम से मनाई गई गीता जयंती। प्रिंसिपल उमाकांत पंत ने बताया गीता जयंती का महत्व।


ऋषिकेश डेस्क
ऋषिकेश में आवास विकास स्थित विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में गीता जयंती मनाई गई। गीता जयंती के कार्यक्रम का शुभारंभ प्रिंसिपल उमाकांत पंत और अन्य अध्यापकों ने दीप प्रज्वलित करके किया।

बुधवार को विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में प्रिंसिपल उमाकांत पंत ने छात्रों को गीता जयंती के बारे में जानकारी देकर उनको जागरूक किया। गीता जयंती के महत्व के बारे में भी गहराई से बताया। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश घर-घर पहुंचे इसका प्रचार प्रसार हो इसके लिए प्रत्येक सनातनी को प्रयास करने की जरूरत है। आचार्य मनोज पंत ने कहा कि गीता के उपदेश वर्तमान में भी प्रासंगिक हैं। इन्हें जीवन में उतारने पर व्यक्ति सदैव सफलता हासिल करता है। गीता में जीवन भक्ति योग कर्म और ज्ञान जैसे अलग-अलग भागों की व्याख्या की गई है। इस ग्रंथ को संस्कृत भाषा में लिखा गया है। जिसमें 18 अध्याय और करीब 700 श्लोक मौजूद हैं।

मीडिया प्रभारी नरेंद्र खुराना ने कहा कि प्रत्येक छात्र को गीता जरूर पढ़नी चाहिए। उन्होंने बताया कि गीता जयंती के अवसर पर छात्र छात्राओं को चित्र और श्लोक प्रतियोगिता भी कराई गई। मौके पर साक्षी ,रामगोपाल रतूड़ी, उप प्रधानाचार्य नागेन्द्र पोखरियाल, कर्णपाल बिष्ट, सतीश चौहान, प्रवेश कुमार, यशोदा भारद्वाज, सतीश चौहान, रविन्द्र सिंह परमार, योगेश देवली, सच्चिदानंद नौटियाल आदि मौजूद रहे।

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