भारत में 1.30 करोड़ लोगों का हुआ प्रकृति परीक्षण। उत्तराखंड में डेढ़ लाख से अधिक पहुंच आंकड़ा। मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों का मिला सहयोग। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड का बना रिकॉर्ड।

ऋषिकेश
नागरिकों के स्वास्थ्य संवर्धन के लिए पूरे देश में चलाए गए प्रकृति प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया है। भारत में एक करोड़ 30 लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण आयुर्वेद चिकित्सकों ने किया है। जबकि उत्तराखंड में यह आंकड़ा डेढ़ लाख से अधिक है। जिन लोगों का प्रकृति परीक्षण हुआ है उनके स्वास्थ्य का पूरा डेटाबेस भारत सरकार के पास सुरक्षित हो गया है। अब समय-समय पर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की ओर से इन लोगों को स्वास्थ्य संवर्धन के टिप्स और अन्य जानकारियां मिलती रहेगी।

उत्तराखंड के राज्य समन्वयक अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर डीके श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और तमाम कैबिनेट मंत्रियों ने अपना प्रकृति परीक्षण कराते हुए अहम योगदान दिया है। आयुर्वेद चिकित्सकों ने इस अभियान के तहत गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड का रिकॉर्ड भी बनाया है। उन्होंने बताया कि देश में एक करोड़ और उत्तराखंड में एक लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण एक महीने में करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन साड़े चार हजार से अधिक आयुर्वेद चिकित्सकों की टीम ने मिलकर करीब डेढ़ गुना अधिक लक्ष्य प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। इसके लिए आयुर्वेद चिकित्सकों की टीम बधाई की पात्र है।





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